वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई का निधन, राजनीतिक जगत में शोक की लहर

  • 94 वर्ष की उम्र में नोएडा में ली अंतिम सांस, आज दिल्ली में होगा अंतिम संस्कार
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री रहीं, लंबे राजनीतिक जीवन में निभाई कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं

नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार को निधन हो गया। वह 94 वर्ष की थीं। परिवार के अनुसार उन्होंने नोएडा स्थित एक अस्पताल में सुबह अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई और विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। परिजनों ने जानकारी दी है कि उनका अंतिम संस्कार बुधवार शाम करीब पांच बजे दिल्ली के निजामुद्दीन कब्रिस्तान में किया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहां बड़ी संख्या में उनके समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हस्तियों के पहुंचने की संभावना है। मोहसिना किदवई देश की वरिष्ठ और सम्मानित महिला नेताओं में गिनी जाती थीं। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और कांग्रेस पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। वे कांग्रेस कार्यसमिति और पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य भी रह चुकी थीं, जहां उन्होंने नीति निर्धारण में सक्रिय योगदान दिया। उनका जन्म वर्ष 1932 में हुआ था और उन्होंने कम उम्र में ही राजनीति में प्रवेश कर लिया था। समय के साथ उन्होंने अपनी मेहनत और नेतृत्व क्षमता के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। वे उन चुनिंदा मुस्लिम महिला नेताओं में शामिल थीं, जिन्होंने भारतीय राजनीति में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई और समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व किया। राजनीतिक करियर के दौरान मोहसिना किदवई तीन बार उत्तर प्रदेश के मेरठ से लोकसभा सांसद चुनी गईं। इसके अलावा उन्होंने राज्यसभा की सदस्य के रूप में भी सेवाएं दीं। संसद के दोनों सदनों का अनुभव रखने वाली वे उन नेताओं में शामिल थीं, जिनका राजनीतिक अनुभव व्यापक और बहुआयामी रहा। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव  गांधी के कार्यकाल में उन्होंने केंद्रीय मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उन्होंने शहरी विकास सहित कई क्षेत्रों में काम किया और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल को विकास और प्रशासनिक दक्षता के लिए याद किया जाता है। कांग्रेस पार्टी के भीतर मोहसिना किदवई को एक मजबूत, अनुभवी और संतुलित नेता के रूप में देखा जाता था। उन्होंने पार्टी के संगठन को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और कई बार कठिन परिस्थितियों में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली। उनके निधन पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पार्टी के कई नेताओं ने उन्हें एक समर्पित और ईमानदार नेता बताते हुए कहा कि उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके कार्यों को सराहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोहसिना किदवई का निधन भारतीय राजनीति के एक युग के अंत के समान है। उन्होंने जिस दौर में राजनीति की शुरुआत की, वह समय महिलाओं के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने अपने प्रयासों से एक अलग पहचान बनाई। उनका जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का उदाहरण रहा है। उन्होंने न केवल राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान के लिए भी कार्य किया। उनके निधन से न केवल कांग्रेस पार्टी बल्कि पूरे राजनीतिक परिदृश्य को एक अनुभवी और मार्गदर्शक नेता की कमी महसूस होगी। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी और उनका योगदान भारतीय राजनीति के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।

You may have missed