पटना में अश्लील वीडियो वायरल कर ब्लैकमेल करने वाला गिरफ्तार, साइबर थाने की कार्रवाई
- मेट्रिमोनियल साइट पर हुई पहचान के बाद महिला को बनाया निशाना
- कई सिम कार्ड से धमकी, तीन लाख रुपये की मांग और तेजाब हमले की चेतावनी
पटना। राजधानी पटना में साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला की अश्लील तस्वीरें और वीडियो वायरल कर उसे ब्लैकमेल करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साइबर थाने की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी राहुल कुमार मेहता को फतुहा से पकड़ा है। आरोपी के पास से मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग वह महिला को धमकाने के लिए करता था। पुलिस के अनुसार, महिला ने अगस्त 2025 में साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने आरोप लगाया था कि आरोपी उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर रहा है और उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा है। इतना ही नहीं, आरोपी महिला के रिश्तेदारों को भी ये आपत्तिजनक सामग्री भेजकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त किया, जिसमें महिला की कई अश्लील तस्वीरें और वीडियो पाए गए। इसके अलावा उसके पास से चार अलग-अलग सिम कार्ड भी मिले, जिनका इस्तेमाल वह अलग-अलग नंबरों से महिला को धमकी देने के लिए करता था। केस दर्ज होने के बाद भी आरोपी ने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं और लगातार महिला को परेशान करता रहा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला से तीन लाख रुपये की मांग कर रहा था। पैसे नहीं देने पर वह वीडियो और फोटो को और अधिक लोगों तक फैलाने की धमकी देता था। इसके साथ ही उसने महिला को तेजाब फेंकने की धमकी भी दी, जिससे पीड़िता मानसिक रूप से काफी परेशान हो गई थी। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और महिला की मुलाकात एक वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, जो धीरे-धीरे बढ़कर नियमित संपर्क में बदल गई। इसी दौरान आरोपी ने शादी का झांसा देकर महिला का विश्वास जीता और उसके निजी फोटो व वीडियो हासिल कर लिए। इसके बाद आरोपी ने इन तस्वीरों और वीडियो का दुरुपयोग करते हुए महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वह बार-बार पैसे की मांग करता और धमकियां देता रहा। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से महिला को अपने जाल में फंसाया और फिर उसका शोषण किया। आरोपी राहुल कुमार मेहता फतुहा में कीटनाशक दवाओं की दुकान चलाता है। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संभावित मामलों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके। साइबर थाने के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सतर्क रहें और किसी अनजान व्यक्ति पर जल्दी भरोसा न करें। विशेष रूप से निजी जानकारी और तस्वीरें साझा करने से बचने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां अपराधी लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। यह घटना न केवल साइबर अपराध की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि डिजिटल युग में व्यक्तिगत सुरक्षा और सावधानी कितनी जरूरी हो गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़िता को राहत मिली है और अन्य लोगों के लिए भी यह एक चेतावनी है।


