मध्य पूर्व तनाव का असर, पटना में रसोई गैस संकट गहराया, उपभोक्ता परेशान
- सिलेंडर आपूर्ति बाधित, 1.63 लाख से अधिक हुआ लंबित ऑर्डर
- सरकार सख्त, अवैध उपयोग पर कार्रवाई तेज, पाइप गैस विस्तार पर जोर
पटना। मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अब देश के विभिन्न हिस्सों में दिखाई देने लगा है। राजधानी पटना में रसोई गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है, जिससे आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। गैस सिलेंडर के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और कई मामलों में उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महज छह दिनों के भीतर गैस सिलेंडरों का लंबित ऑर्डर 21 हजार से बढ़कर 1.63 लाख के पार पहुंच गया है। पहले जहां बुकिंग के दो से तीन दिनों के भीतर सिलेंडर की आपूर्ति हो जाती थी, वहीं अब उपभोक्ताओं को 10 दिनों से अधिक का इंतजार करना पड़ रहा है। शहर के विभिन्न गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे संकट की गहराई स्पष्ट होती है। इस समस्या को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय है, लेकिन पटना के अलावा राज्य के अन्य जिलों से भी गैस आपूर्ति में बाधा की शिकायतें सामने आ रही हैं। हालात को नियंत्रित करने के लिए बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने संकट प्रबंधन समूह की आपात बैठक बुलाई। बैठक में तेल कंपनियों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आम लोगों की परेशानी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और लंबित ऑर्डरों को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए। मुख्य सचिव ने पाइप के माध्यम से गैस आपूर्ति योजना के धीमे क्रियान्वयन पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरे नहीं किए गए, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आपूर्ति में आ रही बाधाओं को किसी भी कारण से टाला नहीं जा सकता और तत्काल समाधान सुनिश्चित करना होगा। भविष्य में इस प्रकार के संकट से बचने के लिए सरकार पाइप गैस कनेक्शन के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। इसके तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के छात्रों और प्लंबरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि शहर के अधिक से अधिक घरों तक पाइप के माध्यम से गैस पहुंचाई जा सके और सिलेंडरों पर निर्भरता कम हो सके। इधर, प्रशासन ने घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर भी सख्ती बढ़ा दी है। सोमवार को पटना के 16 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें छह गैस एजेंसियों की भी जांच की गई। इस दौरान दो होटलों में घरेलू सिलेंडर के अवैध उपयोग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई। अब तक की कार्रवाई में कुल 22 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 121 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल को पटना में गैस सिलेंडरों का लंबित ऑर्डर 1.42 लाख था, जो 6 अप्रैल तक बढ़कर 1.63 लाख हो गया। सोमवार को 30 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग कराई, लेकिन आपूर्ति बेहद सीमित रही। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम से एक भी सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो सकी, जबकि भारत पेट्रोलियम से मात्र 6,736 सिलेंडर ही उपलब्ध कराए गए। वहीं, आरा के गिद्धा बॉटलिंग प्लांट में साप्ताहिक अवकाश के कारण आपूर्ति और अधिक प्रभावित हुई। इससे संकट और गहरा गया है। प्रशासन अब लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि आपूर्ति व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए। रसोई गैस संकट ने आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। हालांकि सरकार और प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन स्थिति सामान्य होने में अभी कुछ समय लग सकता है। उपभोक्ताओं को फिलहाल धैर्य रखने और अनावश्यक भंडारण से बचने की सलाह दी गई है।


