मुंबई में मजदूर की हत्या के विरोध में शिवहर में सड़क जाम, आक्रोशित लोगों का प्रदर्शन
- वैद्यनाथपुर में शव के साथ हंगामा, कार्रवाई और मुआवजे की मांग
- पैसे के विवाद में चाकू से हत्या, परिजनों ने साजिश का लगाया आरोप
शिवहर। महाराष्ट्र के मुंबई शहर में हुए एक युवक की हत्या के बाद बिहार के शिवहर जिले में आक्रोश फूट पड़ा। गुरुवार को जिले के तरियानी थाना क्षेत्र के वैद्यनाथपुर गांव के पास शिवहर-तरियानी-मीनापुर राज्य मार्ग को जाम कर लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। नाराज ग्रामीणों ने मृतक के शव के साथ सड़क पर उतरकर विरोध जताया और टायर जलाकर आगजनी भी की, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि घटना के बाद अब तक कोई जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी मृतक के परिवार से मिलने नहीं पहुंचा है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। लोगों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। सड़क जाम के कारण राज्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जाता है कि मृतक धीरज कुमार ठाकुर, जो वैद्यनाथपुर गांव के निवासी थे, मुंबई के धारावी स्थित माहिम फाटक इलाके में मजदूरी करते थे। बीते 30 मार्च की सुबह पैसों के विवाद को लेकर कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने धीरज को चाकू से कई जगह गोद दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे उनके भाई सूरज कुमार ठाकुर और नीरज कुमार ठाकुर भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मृतक के भाई नीरज कुमार ठाकुर के आवेदन पर मुंबई के शाहूनगर थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया। प्राथमिकी में ओसामा मकसूद अली शेख, आवेश कलीम शाह, अज्जू यासीन शेख और मोहम्मद अरमान सुभान चौधरी को आरोपी बनाया गया है। दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि पैसे मांगने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपितों ने धीरज के साथ मारपीट की और फिर चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी। परिजनों ने गांव के ही एक युवक मुकेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मुकेश ने मुंबई के आरोपितों के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सभी आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद मुंबई में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई और मंगलवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से शव को गुरुवार की अलसुबह गांव लाया गया। जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा के निर्देश पर तरियानी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर जाम हटाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच गंभीरता से की जाएगी और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक आरोपितों की गिरफ्तारी और मुआवजे की घोषणा नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता के साथ-साथ सुरक्षा भी प्रदान की जाए। इस घटना ने एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने वाले श्रमिकों को अक्सर असुरक्षा और हिंसा का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार और प्रशासन के सामने यह चुनौती है कि वे इन मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। वहीं, शिवहर में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है।


