लॉकडाउन में जयपुर से बिहारियों को लेकर पहुंच रही है श्रमिक स्पेशल, आज दोपहर दानापुर पहुंचेगी,डीजीपी ने कहा बाहर फंसे लोग त्रिस्तरीय स्क्रीनिंग के बाद ही पहुंच पाएंगे घर
खगौल (अजीत) : लॉकडाउन में पहली बार पैसेंजर्स को लेकर कोई ट्रेन बिहार पहुंचने वाली है। जयपुर से बिहारियों को लेकर चली यह ट्रेन आज दोपहर पटना के दानापुर स्टेशन पहुंचेगी जिसको लेकर वहां प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई है। जयपुर से चली यह ट्रेन लगभ। 24 डिब्बों वाली इस ट्रेन में तकरीबन 1100 यात्री सवार हैं। राजस्थान से ट्रेन खुलने के पहले इन ट्रेन से चग दोपहर 12:45 बजे दानापुर पहुंचेगी । जयपुर से बिहारियों को लेकर आने वाले ट्रेन के इन्तेजार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पटना डीएम एसएसपी सहित तमाम आला अधिकारियों की टीम दानापुर रेलवे स्टेशन पर मौजूद है ।
बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए जारी लॉकडाउन में दूसरे राज्यों में फंसे लोगों के आवागमन की छूट के केंद्र सरकार के निर्णय पर आज कहा कि ऐसे मजदूर, छात्र एवं अन्य लोग तीन स्तर पर स्क्रीनिंग की प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही अपने-अपने घर पहुंच पाएंगे।
जयपुर से ही रेलवे ने बिहार आने वाले यात्रियों की प्रॉपर स्कैनिंग की गई है। रेलवे की तरफ से ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को खाने-पीने का समान मुहैया कराया गया है। राजस्थान के स्थानीय अधिकारियों ने ट्रेन खुलने से पहले खुद वहां मौजूद रहकर बच्चों और मजदूरों की रवानगी को सुनिश्चित किया। रेलवे ने पहले ही तय कर रखा है कि ट्रेन के सफर में बीच के किसी भी स्टेशन पर कोई पैसेंजर सवार नहीं होगा।

इससे सफर कराने वाले पैसेंजर्स को पहुंचने पर सबसे पहले स्कैन किया जाएगा और उसके बाद सरकार के लिए गाइडलाइन के मुताबिक कि उनको घर जाने की इजाजत होगी। सरकार ने बाहर से आने वाले यात्रियों को लेकर सभी तरह के प्रशासक इंतजाम पूरे कर लिए हैं। आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कल ही यह गाइडलाइन जारी किया था कि रेलवे के जरिए बाहर फंसे लोगों को उनके घरों तक पहुंचाया जाएगा। गृह मंत्रालय के इस गाइडलाइन के तुरंत बाद रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया। पटना के लिए चली ट्रेन जयपुर से खुली है। जयपुर से चलने वाली श्रमिक स्पेशल में जो लोग सवार हैं। उनके लिए यह बेहद खुशी का पल है लगभग 40 दिनों तक लॉकडाउन में फंसे होने के बाद आखिरकार वह अपने घर के लिए निकल पड़े हैं।
वही डीजीपी बिहार गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा है कि बड़ी संख्या में बाहर फंसे मजदूरों एवं छात्रों के बिहार आने पर कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के फंसे लोगों को उनके घर भेजने के निर्णय के बाद लोगों का शीघ्र ही आना शुरू हो जाएगा। बिहार के करीब 10 से 15 लाख लोग हैं, जो दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं। इनमें से एक तिहाई लोग भी अपने घर आने की इच्छा रखते होंगे तो इन लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि फंसे लोग जब दूसरे राज्यों से बिहार के लिए निकलेंगे तब उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके बाद उनके बिहार की सीमा पर पहंचने पर स्क्रीनिंग होगी। उसके बाद ही उन्हें उनके जिलों में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि जिलों में भी फिर से जांच होगी और उसके बाद उन्हें प्रखंड स्तर पर बनाए गए क्वॉरेंटाइन सेंटर में भेजा जाएगा।


