बिहार में अहम कैबिनेट बैठक आज, नीतीश की अंतिम बैठक को लेकर अटकलें तेज
- सीएम नीतीश की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
- इस्तीफे और नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं, राज्यसभा सदस्य के रूप में नई भूमिका की तैयारी
पटना। बिहार की राजनीति में बुधवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने कार्यकाल की एक अहम कैबिनेट बैठक करने जा रहे हैं। मुख्य सचिवालय में आयोजित होने वाली इस बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों की मौजूदगी रहेगी। लंबे अंतराल के बाद हो रही इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी हलचल है और इसे मुख्यमंत्री की अंतिम कैबिनेट बैठक के रूप में भी देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के साथ-साथ उन्हें मंजूरी भी दी जा सकती है। सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित मुद्दों पर निर्णय लिए जाने की संभावना है। इससे पहले फरवरी महीने में हुई कैबिनेट बैठक के बाद से अब तक कोई बैठक आयोजित नहीं हुई थी। ऐसे में लगभग डेढ़ महीने के अंतराल के बाद बुलाई गई यह बैठक प्रशासनिक दृष्टि से भी काफी अहम मानी जा रही है। राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भी चर्चा तेज है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि 13 अप्रैल के आसपास इस्तीफा दिया जा सकता है और उसके बाद 16 अप्रैल को राज्य को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। हालांकि इन अटकलों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन लगातार सामने आ रही जानकारी ने इन चर्चाओं को और बल दे दिया है। यह भी उल्लेखनीय है कि 16 मार्च को नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। आगामी 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। इसके साथ ही वे भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो जाएंगे, जिन्होंने संसद और राज्य विधानमंडल के सभी सदनों की सदस्यता हासिल की है। यह उपलब्धि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और सक्रियता को दर्शाती है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री का 9 अप्रैल को दिल्ली दौरा भी प्रस्तावित है, जहां वे जनता दल यूनाइटेड की बैठक में हिस्सा लेंगे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है। यह दौरा उनके राजनीतिक जीवन के अगले चरण की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैबिनेट बैठक को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विभिन्न विभागों से प्रस्ताव मंगाए गए हैं, जिन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में कुछ अहम घोषणाएं भी कर सकती है, जिससे जनता को सीधा लाभ मिले। इस बैठक को लेकर नौकरशाही और राजनीतिक दोनों ही स्तरों पर विशेष नजर रखी जा रही है। यदि यह वास्तव में मुख्यमंत्री की अंतिम कैबिनेट बैठक साबित होती है, तो इसमें लिए गए फैसले आने वाले समय में राज्य की नीतियों और प्रशासनिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री इस बैठक में कौन-कौन से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं और क्या वाकई इसके बाद राज्य की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बिहार की सियासत में संभावित परिवर्तन की आहट ने इस बैठक को और भी अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।


