बिहार में बढ़ी गर्मी की तपिश, लू के हालात की चेतावनी जारी

  • कई जिलों में तापमान 38 डिग्री के पार जाने की संभावना, बारिश के आसार नहीं
  • दोपहर में बाहर निकलना जोखिम भरा, बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने की सलाह

पटना। बिहार के मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है और अब राज्य में गर्मी ने अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों तक जहां मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ था, वहीं अब तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह से ही चिलचिलाती धूप लोगों को झुलसाने लगी है और दिन के समय बाहर निकलना कठिन होता जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। देश के कई हिस्सों की तरह बिहार भी अब सुहावने मौसम से निकलकर भीषण गर्मी की ओर बढ़ रहा है। 11 अप्रैल को राज्य में कहीं भी वर्षा की संभावना नहीं जताई गई है, जिससे यह स्पष्ट है कि मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा और धूप का प्रभाव और तेज होगा। राजधानी पटना सहित गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर जैसे प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 34 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि दिन के समय तापमान में लगातार वृद्धि होगी, जबकि सुबह और शाम के समय हल्की राहत जरूर मिल सकती है। हालांकि यह राहत अस्थायी होगी और दोपहर के समय गर्मी का प्रभाव सबसे अधिक महसूस किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में लू जैसे हालात बनने की आशंका है। गर्म और शुष्क हवाएं चलने से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ऐसे में दोपहर के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो खुले में काम करते हैं। मौसम विभाग ने किसानों, मजदूरों, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खेतों में काम करने वाले किसानों को दोपहर के समय काम से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है। वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों को भी तेज धूप से बचाव के उपाय अपनाने को कहा गया है। चिकित्सकों ने भी लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी यानी निर्जलीकरण की समस्या तेजी से बढ़ सकती है। इसलिए लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीना चाहिए और हल्के, सूती कपड़े पहनने चाहिए। इसके अलावा, तेज धूप में लंबे समय तक रहने से बचना जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लू लगने की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। इसके लक्षणों में तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी और कमजोरी शामिल हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह स्थिति गंभीर भी हो सकती है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में लोगों को पहले से ही सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की जरूरत है। राज्य में बढ़ती गर्मी का असर जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। बाजारों में दोपहर के समय भीड़ कम हो रही है और लोग जरूरी काम के अलावा घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। वहीं, बिजली और पानी की मांग में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। बिहार में गर्मी का दौर अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में इसके और तीव्र होने की संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना ही लोगों के लिए सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी उपाय है।

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