बिहार में गर्मी ने दिखाए तेवर, कई जिलों में तापमान 40 डिग्री पार का अनुमान
- तीन दिनों में 5 डिग्री तक बढ़ सकता है तापमान, लू जैसे हालात की चेतावनी
- दक्षिण बिहार में तेज पछुआ हवाओं का असर, बारिश के आसार नहीं
पटना। बिहार में मौसम का मिजाज अब पूरी तरह बदल चुका है और राज्य भीषण गर्मी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 13 अप्रैल से कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों के भीतर तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है, जिससे लू जैसी स्थिति बन सकती है। बीते 24 घंटों के दौरान पूरे राज्य में मौसम शुष्क बना रहा, जिसके कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेष रूप से दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 3 से 4 दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इस बदलाव के कारण दिन के समय तेज धूप और झुलसाने वाली गर्मी का असर रहेगा, जबकि रात के समय भी उमस बनी रहेगी। इससे लोगों को दिन और रात दोनों समय राहत मिलने की संभावना कम हो जाएगी। मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि राज्य के कई हिस्सों में लू जैसे हालात बनने की पूरी आशंका है। दक्षिण बिहार में पछुआ हवाओं का प्रभाव विशेष रूप से देखा जाएगा। ये हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। चूंकि पछुआ हवाएं शुष्क और गर्म होती हैं, इसलिए यह तापमान को तेजी से बढ़ाती हैं और लू की स्थिति पैदा करती हैं। यही कारण है कि दक्षिणी जिलों में गर्मी का असर अधिक तीव्र रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बिहार के बक्सर, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद और कैमूर जिलों में लू जैसे हालात बन सकते हैं। वहीं दक्षिण-मध्य बिहार के पटना, अरवल, जहानाबाद, गया और नालंदा भी इस प्रभाव की चपेट में रहेंगे। इसके अलावा मुजफ्फरपुर, वैशाली और भागलपुर सहित अन्य जिलों में भी तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा सकती है। उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों जैसे चंपारण, सिवान, सारण, समस्तीपुर, पूर्णिया और कटिहार में भी गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ेगा। हालांकि इन क्षेत्रों में तापमान अपेक्षाकृत थोड़ा कम रह सकता है, लेकिन गर्म हवाओं का प्रभाव यहां भी महसूस किया जाएगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण बिहार का भू-भाग अपेक्षाकृत शुष्क और पठारी होने के कारण जल्दी गर्म हो जाता है। यहां नमी की कमी के चलते सूर्य की किरणें सीधे जमीन को प्रभावित करती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है। इसके साथ ही, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ने से आंधी और बारिश की संभावना भी कम हो गई है, जिससे गर्मी को बढ़ावा मिल रहा है। पिछले 24 घंटों में राज्य के किसी भी हिस्से में वर्षा दर्ज नहीं की गई है और फिलहाल निकट भविष्य में भी राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को लगातार बढ़ती गर्मी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लू और अत्यधिक गर्मी से बचने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, लंबे समय तक धूप में रहने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। बिहार में गर्मी का प्रकोप अब तेजी से बढ़ने वाला है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतते हुए मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।


