बिहार में शराब का दरिया बहाना चाहते हैं तेजस्वी: प्रभाकर मिश्र

  • शराब माफियाओं से राजद का गहरा संबंध, शराबबंदी से कम हुई घरेलू हिंसा

पटना। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर कुमार मिश्र ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर तेजस्वी यादव का पोस्ट, जिसमें शराबबंदी को विफल बताया गया है, पर करारा पलटवार करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को शराबबंदी से गहरी चोट लगी है,जिसका दर्द रह-रहकर तेज हो जाता है। भाजपा प्रवक्ता ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि तेजस्वी यादव को शराबबंदी से दुखी होने की सबसे बड़ी वजह यह है कि शराब माफियाओं से राजद का गहरा संबंध रहा है। शराब के कारोबार की बड़ी राशि राजद के फंड में जाती रही है। लेकिन, शराबबंदी में शराब माफियाओं का धंधा बंद हो गया। शराब माफिया बेरोजगार हो गये और राजद के फंड में शराब के पैसे आने बंद हो गये। तेजस्वी यादव बिहार में शराब का दरिया बहाना चाहते हैं। श्री मिश्र ने कहा कि राज्य और समाज के हित में शराबबंदी का फैसला लिया गया है। शराबबंदी के 10 साल पूरे होने पर इसके सकारात्मक परिणाम हर तरफ दिख रहे हैं। घरेलू हिंसा में कमी आयी है और सड़क हादसे भी अब पहले की अपेक्षा कम होते। शराबबंदी के बाद सरकार ने व्यापकता और सघनता के साथ प्रदेश में जागरूकता अभियान भी चलाया। बताया गया कि शराब पीने से कितना नुक़सान होता है। इसके बाबजूद कुछ लोग गड़बड़ी करते हैं, जिसमें कभी -कभी जहरीली शराब से लोगों की जान चली जाती है। यह दुखद और निराशाजनक है। लेकिन, इसके लिए कोई अगर शराबबंदी को ग़लत कहता है, तो उसकी मानसिक स्थिति सही नहीं कही जायेगी। तेजस्वी यादव को इसका अगर कोई ज्ञान नहीं है कि शराब पीने से कितना नुक़सान होता है, तो यह उनकी अल्प शिक्षा की वजह से है। बिहार में शराबबंदी है और सख्ती के साथ लागू रहेगी।

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