खुसरूपुर के सब्जी बाजार में लगी भीषण आग, मची अफरा तफरी, कई घरों को नुकसान
पटना। बिहार की राजधानी पटना जिले के खुसरूपुर इलाके में सोमवार की देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सब्जी बाजार के पास स्थित एक साड़ी दुकान में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि कुछ ही देर में पूरी दुकान जलकर खाक हो गई। इस घटना ने न सिर्फ बाजार क्षेत्र, बल्कि आसपास के रिहायशी इलाकों में भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया। लोग नींद से जागकर घरों से बाहर निकल आए और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई।
मनभावन साड़ी दुकान से उठीं आग की लपटें
जानकारी के अनुसार, आग खुसरूपुर सब्जी बाजार में स्थित मनभावन साड़ी दुकान में लगी। देर रात अचानक दुकान से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। दुकान में रखे कपड़े और अन्य ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही मिनटों में आग की ऊंची-ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं, जिससे आसपास के लोगों में भय और घबराहट फैल गई।
आसपास के घरों को भी हुआ नुकसान
आग केवल दुकान तक सीमित नहीं रही। उसकी चपेट में आसपास के कुछ घर भी आ गए, जिससे उन्हें आंशिक नुकसान पहुंचा। कई घरों की दीवारें और छतें आग की गर्मी से प्रभावित हुईं, वहीं कुछ घरों में रखा सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
ग्रामीणों की सूचना पर हरकत में आया प्रशासन
आग लगते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत खुसरूपुर थाना को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग सक्रिय हो गया। कुछ ही समय में दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने इलाके को सुरक्षित करने का प्रयास किया और लोगों को आग के पास जाने से रोका, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो।
स्थानीय लोगों ने भी निभाई अहम भूमिका
इस अग्निकांड के दौरान केवल दमकल कर्मी ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोग भी पूरी तत्परता के साथ राहत कार्य में जुट गए। कई लोग बाल्टी, पाइप और अन्य साधनों से आग बुझाने की कोशिश करते नजर आए। बाजार और मोहल्ले के लोगों ने मिलकर पानी की व्यवस्था की और दमकल कर्मियों की मदद की। हालांकि आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि शुरुआती दौर में उस पर काबू पाना बेहद मुश्किल साबित हुआ।
घंटों की मशक्कत के बाद काबू में आई आग
दमकल विभाग और स्थानीय लोगों की संयुक्त कोशिशों के बाद करीब कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। आग बुझने के बाद इलाके में राहत की सांस ली गई। यदि यह आग कुछ और समय तक फैलती रहती, तो बाजार के अन्य दुकानों और रिहायशी इलाकों को भी भारी नुकसान हो सकता था।
दुकान का सारा सामान जलकर राख
इस भीषण आग में मनभावन साड़ी दुकान को भारी क्षति पहुंची है। दुकान के अंदर रखा कीमती कपड़ा, फर्नीचर और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। शुरुआती अनुमान के अनुसार दुकानदार को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक नुकसान का आधिकारिक आकलन नहीं किया गया है। आग बुझने के बाद संबंधित विभाग द्वारा क्षति का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है।
जनहानि नहीं, लेकिन दहशत का माहौल
इस घटना में राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। समय रहते लोगों के घरों से बाहर निकलने और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। इसके बावजूद, देर रात लगी आग ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। कई परिवार रातभर जागते रहे और अपने सामान की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस और दमकल विभाग की जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बाजार और रिहायशी इलाकों में सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बाजार और रिहायशी इलाकों में अग्नि सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में दुकानों में पर्याप्त फायर सेफ्टी इंतजाम नहीं हैं। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
प्रशासन से की गई मदद की मांग
पीड़ित दुकानदार और आसपास के लोग प्रशासन से मुआवजे और सहायता की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि आग से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकारी सहायता जरूरी है, ताकि प्रभावित लोग दोबारा अपने कारोबार और जीवन को पटरी पर ला सकें। खुसरूपुर के सब्जी बाजार में लगी यह भीषण आग एक बड़ी चेतावनी के रूप में सामने आई है। हालांकि समय पर कार्रवाई से जनहानि टल गई, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा है। अब सबकी नजर प्रशासन की जांच रिपोर्ट और मुआवजे की घोषणा पर टिकी हुई है। यह घटना यह भी याद दिलाती है कि बाजारों और रिहायशी इलाकों में अग्नि सुरक्षा को लेकर सतर्कता और पुख्ता इंतजाम कितने जरूरी हैं।


