नवादा में नर्स की संदिग्ध मौत से हडकंप, फंदे से लटका मिला शव
- युवक के साथ पति-पत्नी बनकर रह रही थी युवती, घटना के बाद साथी फरार
- परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
नवादा। बिहार के नवादा जिले में एक निजी नर्सिंग होम में कार्यरत युवती का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। यह घटना नगर थाना क्षेत्र के चौधरी नगर मोहल्ले की बताई जा रही है। मृतका की पहचान अकबरपुर प्रखंड के बकसंडा गांव निवासी जितेंद्र मांझी की 23 वर्षीय पुत्री मनीषा कुमारी के रूप में की गई है। घटना के बाद से युवती के साथ रह रहा युवक फरार बताया जा रहा है, जिससे मामले ने और भी गंभीर रूप ले लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनीषा कुमारी नवादा में एक किराए के मकान में रह रही थी। मकान मालिक रंजन कुमार के अनुसार, वह एक युवक के साथ पति-पत्नी के रूप में पिछले लगभग छह महीने से रह रही थी। बताया जा रहा है कि युवक की पहचान धनबाद निवासी अभिषेक पांडे के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका के फूफा दूधी मांझी ने बताया कि मनीषा एक निजी नर्सिंग होम में नर्स के पद पर कार्यरत थी और परिवार से दूर रहकर नौकरी कर रही थी। उन्होंने कहा कि परिवार को अचानक सूचना मिली कि मनीषा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे, जहां मकान मालिक ने जो जानकारी दी, उससे वे हैरान रह गए। मकान मालिक रंजन कुमार ने बताया कि मनीषा कुमारी शादीशुदा की तरह रह रही थी और उसके गले में मंगलसूत्र भी था। इसके बाद परिवार को यह जानकारी मिली कि वह अभिषेक पांडे नामक युवक के साथ पति-पत्नी के रूप में रह रही थी। जबकि मनीषा ने अपने परिवार को बताया था कि वह चार सहेलियों के साथ रह रही है और वहां किसी पुरुष का आना-जाना नहीं होता है। परिजनों ने इस पूरे मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। दूधी मांझी का कहना है कि जिस स्थिति में शव मिला है और शरीर पर जो निशान पाए गए हैं, उससे यह मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि हत्या का प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि मनीषा ने दो दिन पहले ही संदेश अनुप्रयोग के माध्यम से अपनी तस्वीर भेजी थी और परिवार उसके लिए विवाह हेतु योग्य वर की तलाश कर रहा था। परिवार के अनुसार, यदि मनीषा किसी परेशानी में होती, तो वह परिवार को जरूर बताती। ऐसे में अचानक इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है। साथ ही, घटना के बाद युवक का फरार हो जाना भी संदेह को और गहरा कर रहा है। मकान मालिक ने यह भी खुलासा किया कि लगभग दो महीने पहले मनीषा और अभिषेक के बीच विवाद हुआ था। उस समय स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि उन्होंने दोनों को मकान खाली करने के लिए कह दिया था। हालांकि, बाद में मामला शांत हो गया और दोनों वहीं रह रहे थे। इधर, नगर थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को भी ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और फरार युवक की तलाश में जुटी हुई है। फिलहाल, इस घटना ने इलाके में कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह आत्महत्या है या फिर किसी साजिश के तहत की गई हत्या। तब तक परिवार न्याय की उम्मीद में प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।


