मोतिहारी में निगरानी टीम की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते निजी मुंशी गिरफ्तार

  • हथियार लाइसेंस सत्यापन के नाम पर 14 हजार रुपये की मांग का मामला
  • शिकायत के सत्यापन के बाद जाल बिछाकर जमुनापुर चौक से रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी

पटना/मोतिहारी। बिहार की निगरानी अन्वेषण इकाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए पूर्वी चंपारण जिले के आदापुर थाना क्षेत्र में एक निजी मुंशी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 11 अप्रैल 2026 को की गई, जब टीम ने पूर्व में दर्ज शिकायत के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी को 14 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान इन्शेखाब आलम के रूप में हुई है, जो आदापुर थाना में निजी मुंशी के रूप में कार्यरत था। उस पर आरोप है कि उसने हथियार लाइसेंस के आवेदन के सत्यापन और अनुशंसा के नाम पर शिकायतकर्ता से 14 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह शिकायत ग्राम बकरी, थाना आदापुर के निवासी आपत्ताब अंसारी द्वारा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के कार्यालय में दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में बताया कि आरोपी द्वारा लाइसेंस सत्यापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बार-बार पैसे की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच की। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि हुई और पाया गया कि आरोपी वास्तव में रिश्वत की मांग कर रहा था।जांच के पश्चात निगरानी थाना कांड संख्या 042/26 दिनांक 10 अप्रैल 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक गौतम कृष्ण के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने पूरी रणनीति के तहत कार्रवाई की योजना बनाई और शिकायतकर्ता को आवश्यक निर्देश दिए। निर्धारित योजना के अनुसार 11 अप्रैल को आरोपी को पैसे देने का समय तय किया गया। जैसे ही आरोपी ने जमुनापुर चौक, आदापुर में शिकायतकर्ता से 14 हजार रुपये की राशि ली, निगरानी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान टीम ने आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए, जिससे मामले की पुष्टि और मजबूत हो सके। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसे आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत विशेष न्यायालय, निगरानी, मुजफ्फरपुर में प्रस्तुत किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और यदि इसमें अन्य किसी की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम लगातार जारी रहेगी और आम जनता से अपील की कि यदि किसी भी सरकारी कार्य में रिश्वत की मांग की जाती है, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाती है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय लोगों ने भी इस कदम की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

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