मुजफ्फरपुर में मासूम के साथ दरिंदगी, तीन महिलाओं पर साजिश का आरोप

  • पड़ोस की परिचित महिलाओं ने बहला-फुसलाकर बच्ची को किराए के मकान में बुलाया
  • मुख्य आरोपी फरार, पुलिस की छापेमारी जारी, बच्ची अस्पताल में भर्ती

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मिठनपुरा इलाके से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक 12 वर्षीय बालिका के साथ कथित रूप से दुष्कर्म की घटना में तीन महिलाओं की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। इस घटना ने सामाजिक विश्वास और मानवीय संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़िता को उसकी ही परिचित महिलाओं द्वारा बहला-फुसलाकर एक किराए के मकान में ले जाया गया, जहां उसके साथ यह जघन्य अपराध हुआ। जांच में सामने आया है कि हिरासत में ली गई तीनों महिलाएं पीड़िता के पड़ोस की रहने वाली हैं और बच्ची उन्हें जानती थी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसे घटनास्थल तक ले जाया गया। जिला पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी महिलाएं लंबे समय से अवैध गतिविधियों में संलिप्त थीं। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई है और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। घटना के बाद जब बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी, तो आरोप है कि महिलाओं ने उसे शांत कराने के लिए नशीला पदार्थ दिया। स्थिति गंभीर होने पर वे उसे उसी अवस्था में छोड़कर फरार हो गईं। बाद में स्थानीय लोगों की सूचना पर बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नगर पुलिस उपाधीक्षक भी जांच में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। पुलिस ने उस किराए के मकान को सील कर दिया है, जहां घटना को अंजाम दिया गया था। साथ ही, मुख्य आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, हिरासत में ली गई तीनों महिलाओं से पूछताछ जारी है और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है और प्रशासन से पीड़िता को न्याय दिलाने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में जागरूकता और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवार और समाज दोनों को अधिक जिम्मेदार बनने की जरूरत है। साथ ही, ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी होती है, ताकि पीड़ित को समय पर न्याय मिल सके। फिलहाल, पीड़िता अस्पताल में उपचाराधीन है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मामले से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समाज को सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे।

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