जमुई-लखीसराय सीमा पर सिरकटी महिला का शव बरामद, इलाके में सनसनी

  • नदी के बालू में दबा मिला धड़, 25 फीट दूर पड़ा था कटा हुआ सिर
  • हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने की आशंका, पुलिस कई पहलुओं पर कर रही जांच

जमुई। बिहार के जमुई और लखीसराय जिले की सीमा पर स्थित कुंदर बराज के समीप मंगलवार को एक अज्ञात महिला का सिरकटा शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। यह शव नदी किनारे बालू के नीचे दबा हुआ पाया गया, जबकि उसका कटा हुआ सिर घटनास्थल से करीब 25 फीट की दूरी पर पहले ही बरामद किया जा चुका था। पुलिस ने इस मामले में हत्या की आशंका जताते हुए गहन जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, सोमवार देर शाम कुछ स्थानीय युवकों ने कुंदर बराज के पास नदी किनारे एक महिला का कटा हुआ सिर देखा था। यह दृश्य देखकर वे स्तब्ध रह गए और तुरंत इसकी सूचना डायल 112 पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सिर को कब्जे में ले लिया। हालांकि उस समय महिला के धड़ का कोई पता नहीं चल सका था, जिससे घटना और भी रहस्यमयी बन गई थी। सुबह स्थिति और गंभीर हो गई, जब स्थानीय लोगों ने उसी क्षेत्र में नदी के बालू के नीचे दबे एक शव को देखा। बताया जाता है कि कुछ आवारा कुत्ते बालू को खोदकर शव को नोच रहे थे, तभी महिला का हाथ बाहर दिखाई दिया। ग्रामीणों ने तुरंत कुत्तों को भगाया और पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही टाउन थाना पुलिस और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस टीम ने मौके से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटनास्थल से महिला के कपड़े भी बरामद किए गए हैं, जिससे पहचान में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेज दिया गया है, जबकि नमूनों को वैज्ञानिक जांच के लिए भी भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि महिला की हत्या कहीं और की गई और बाद में पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को सीमा क्षेत्र में लाकर बालू के नीचे दबा दिया गया। सिर और धड़ को अलग-अलग स्थानों पर फेंकने से यह भी संकेत मिलता है कि अपराधियों ने साक्ष्य मिटाने की पूरी कोशिश की है। पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, जब इस क्षेत्र में इस तरह की वारदात सामने आई हो। इससे पहले भी इसी इलाके में सिरकटी लाश मिलने की घटनाएं हो चुकी हैं। 8 मई 2024 को अंबा और सिमरिया गांव के बीच पुलिया के नीचे एक अज्ञात महिला का सिरकटा शव मिला था, जिसकी पहचान आज तक नहीं हो सकी है। इसके अलावा 22 अक्टूबर 2024 को बरुअट्टा गांव के धीरजी तालाब में एक महिला और एक बच्चे का शव मिला था, जो अब तक अनसुलझा है। लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर यह इलाका दो जिलों की सीमा पर स्थित है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि अपराधी इस क्षेत्र का उपयोग शव को ठिकाने लगाने के लिए कर रहे हैं। सीमा क्षेत्र होने के कारण अपराधियों के लिए यहां से निकलना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतका की पहचान के लिए आसपास के जिलों से संपर्क किया जा रहा है और गुमशुदगी के मामलों की भी जांच की जा रही है। इस मामले में तकनीकी और वैज्ञानिक जांच की भी मदद ली जा रही है, ताकि जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाई जा सके। एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि फिलहाल महिला की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और इस तरह की घटनाओं पर जल्द रोक लगाई जाए।

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