बिहार में बीएड प्रवेश परीक्षा 11 जिलों में होगी आयोजित, सख्त निगरानी में होगा संचालन

  • आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति और वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य, नकल रोकने के लिए विशेष इंतजाम
  • स्नातक नामांकन में 10 कॉलेज चुनने की सुविधा, विश्वविद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया तेज

पटना। बिहार में दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम में नामांकन के इच्छुक छात्रों के लिए इस वर्ष की प्रवेश परीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्य में यह परीक्षा 11 जिला मुख्यालयों में आयोजित की जाएगी और परीक्षा केंद्र भी इन्हीं स्थानों पर बनाए जाएंगे। इससे अभ्यर्थियों को सुविधा मिलेगी और परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकेगी। इस प्रवेश परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय को सौंपी गई है, जिसे राज्य का नोडल विश्वविद्यालय बनाया गया है। इस संबंध में लोकभवन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य नोडल अधिकारी प्रोफेसर संजय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के कड़े मानकों के साथ आयोजित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा परीक्षार्थियों की पहचान के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू की जाएगी। नकल पर रोक लगाने के लिए सभी केंद्रों पर सिग्नल अवरोधक उपकरण लगाए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का दुरुपयोग न हो सके। साथ ही पूरी परीक्षा प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। परीक्षा की संभावित तिथि 7 जून या 14 जून बताई जा रही है। हालांकि अंतिम तिथि तय करने से पहले राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों की परीक्षा समय-सारणी को ध्यान में रखा जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार का टकराव न हो। प्रत्येक जिला मुख्यालय में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जो परीक्षा संचालन की निगरानी करेगा और प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखेगा। लोकभवन ने यह भी निर्देश दिया है कि परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए संबंधित आयुक्त और जिलाधिकारी के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं और प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत की जाए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो। इधर, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक नामांकन प्रक्रिया को लेकर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर आलोक प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि इंटरमीडिएट के परिणाम और अंकपत्र जारी होने के बाद नामांकन पोर्टल खोला जाएगा। इस बार छात्रों को एक बड़ा विकल्प देते हुए 10 कॉलेजों का चयन करने की सुविधा दी जाएगी, जबकि पहले यह संख्या 5 से 6 तक सीमित थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने घर के नजदीक स्थित कॉलेजों को प्राथमिकता दें, ताकि उनकी पढ़ाई में सुविधा हो सके। हर वर्ष विश्वविद्यालय में लगभग डेढ़ लाख सीटों पर स्नातक में नामांकन होता है। इस वर्ष लगभग 30 नए कॉलेजों के जुड़ने की संभावना है, जिससे कुल कॉलेजों की संख्या बढ़कर करीब 160 हो सकती है। स्नातक के साथ-साथ व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकन प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने वाली है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार, इसके लिए फाइल तैयार की जा रही है और कुलपति की स्वीकृति मिलते ही एक से दो सप्ताह के भीतर पोर्टल खोला जाएगा। वहीं स्नातकोत्तर स्तर पर ऑनस्पॉट नामांकन की प्रक्रिया जारी है। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में छात्रों की भीड़ देखी जा रही है और कई विभाग मेरिट सूची तैयार करने में जुटे हैं। हालांकि इस दौरान सिफारिशी फोन कॉल्स की चर्चा भी सामने आ रही है, जिस पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। स्नातकोत्तर ऑनस्पॉट नामांकन की अंतिम तिथि 11 अप्रैल निर्धारित की गई है। बिहार में इस वर्ष प्रवेश परीक्षाओं और नामांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से सुदृढ़ और छात्र हितैषी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे छात्रों को बेहतर अवसर मिल सके।

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