5 लाख की नौकरी हासिल करने के बाद करें कार्यक्रम शुल्क का भुगतान

मसाई स्कूल ने पटना में लांच किया आॅफलाइन कैंपस


पटना। करियर केंद्रित स्टार्टअप मसाई स्कूल ने बुधवार को राजधानी पटना में अपने आॅफलाइन परिसर के शुभारंभ की घोषणा की। यह स्कूल उम्मीदवारों को सफल सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने का अवसर प्रदान करता है और बिना किसी अग्रिम शुल्क के कोडिंग में अपना करियर शुरू करने की सुविधा मुहैया कराता है। कंपनी 30 सप्ताह के फुल-स्टैक विकास कार्यक्रमों की पेशकश करती है, जिसमें छात्रों को ‘अभी अध्ययन करें, बाद में भुगतान करें’ की सुविधा भी मिलती है। कंपनी द्वारा अपनाए गए इनकम शेयरिंग एग्रीमेंट (आईएसए) मॉडल के माध्यम से उम्मीदवारों के पास निशुल्क नामांकन करने का विकल्प है। बाद में कोर्स पूरा करने के बाद वे प्रति वर्ष 5,00,000 रुपये या उससे अधिक की नौकरी हासिल करने के बाद कार्यक्रम शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। इसकी फीस 3 लाख रूपये है।
लांच के मौके पर कंपनी के विजन और मिशन की विस्तार से जानकारी देते हुए मसाई स्कूल के सीईओ और को-फाउंडर प्रतीक शुक्ला ने कहा कि वर्तमान में मसाई स्कूल ने 91 प्रतिशत की प्लेसमेंट दर और 7.25 एलपीए की औसत सीटीसी के साथ 8 बैचों में 300 से अधिक छात्रों को ग्रेजुएट किया है। अभी 13-14 सौ छात्र अलग-अलग बैच में पढ़ रहे हैं। वर्तमान में कंपनी फुल-स्टैक वेब डेवलपमेंट (पूर्णकालिक और अंशकालिक कार्यक्रम) और यूआई यूएक्स डिजाइन प्रोग्राम (पूर्णकालिक कार्यक्रम) पेश करती है और अगले कुछ महीनों में डेटा एनालिटिक्स, प्रोडक्ट मैनेजमेंट और ऐसे ही कुछ अन्य कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रही है।
वहीं मसाई स्कूल के को-फाउंडर और एसवीपी योगेश भट्ट ने कहा कि महामारी के माहौल को देखते हुए स्कूल ने अपने सभी कार्यों को आॅनलाइन स्थानांतरित कर दिया था। अब कंपनी ने पटना शहर के गांधी मैदान और कंकड़बाग से शुरूआत करते हुए अपने आॅफलाइन केंद्रों का संचालन शुरू कर दिया है। पटना परिसर नए दौर के अनुरूप को-वर्किंग स्पेस के तौर पर काम करेगा।

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