February 22, 2026

बिहार में 27 मई तक 1.2 लाख सबसे अधिक शिक्षकों का होगा ट्रांसफर, नए सॉफ्टवेयर से स्कूल आवंटन, जल्द मिलेगी पोस्टिंग

पटना। बिहार में शिक्षकों के तबादले को लेकर शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। विभाग ने घोषणा की है कि राज्य में कुल 1,20,738 शिक्षकों का तबादला एक साथ किया जाएगा, जिसमें जिला आवंटित और सेम जिले के शिक्षक—दोनों शामिल होंगे। यह प्रक्रिया आगामी 27 मई तक सॉफ्टवेयर के माध्यम से पूरी की जाएगी। शिक्षा विभाग द्वारा पहली बार डिजिटल प्रणाली के माध्यम से इतने बड़े पैमाने पर ट्रांसफर की प्रक्रिया की जा रही है। विभाग के अनुसार, पहले जिन शिक्षकों को जिला आवंटन मिला था, अब उन्हीं को सीधे स्कूल आवंटन किया जाएगा। इसके साथ-साथ सेम जिले में कार्यरत पुरुष और महिला शिक्षकों का भी तबादला इसी प्रक्रिया में सम्मिलित किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, सबसे अधिक संख्या सेम जिले के शिक्षकों की है, जिन्हें उनके नजदीकी स्कूलों में पदस्थापित करने की योजना बनाई गई है, ताकि उन्हें स्थानांतरण के बाद कार्यस्थल पर पहुंचने में असुविधा न हो। इस कदम से ना केवल शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी, बल्कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी को भी दूर किया जा सकेगा। सॉफ्टवेयर आधारित यह प्रणाली पारदर्शिता को प्राथमिकता देती है जिससे स्थानांतरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न्यूनतम रहेगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रणाली मेरिट, आवश्यकता और भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्कूल आवंटित करेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दूसरे चरण की तबादला प्रक्रिया 10 से 15 जून के बीच संपन्न होगी, जिसमें शेष बचे शिक्षकों का ट्रांसफर किया जाएगा। इसमें पटना सहित अन्य जिलों के पुरुष एवं महिला शिक्षक शामिल होंगे। गौरतलब है कि बिहार में वर्षों से शिक्षकों के तबादले को लेकर असंतोष की स्थिति रही है। अब तक यह प्रक्रिया मैन्युअल रूप से होती थी, जिसमें पारदर्शिता की कमी और देरी की शिकायतें आम थीं। लेकिन इस बार राज्य सरकार ने डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया को अंजाम देने का निर्णय लिया है, जिससे व्यवस्था में गति और पारदर्शिता दोनों लाई जा सके। शिक्षा विभाग के इस कदम का स्वागत करते हुए शिक्षक संगठनों ने कहा है कि यह फैसला उनके हित में है और इससे उन्हें अपने गृह जिलों या इच्छित स्थानों पर काम करने का अवसर मिलेगा। इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और विद्यार्थियों को समय पर शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। इस ऐतिहासिक निर्णय के तहत, यदि विभाग तय समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करता है, तो यह देश में सबसे बड़ी शिक्षक ट्रांसफर मुहिम मानी जा सकती है। शिक्षकों और स्कूलों दोनों के लिए यह एक नई शुरुआत मानी जा रही है, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे सकती है।

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