Fri. Aug 23rd, 2019

छपरा जिला भी मॉब लिंचिंग का बना गवाह, भीड़ ने 3 युवकों की ली जान

छपरा। छपरा में आज मॉब लिंचिंग की बड़ी घटना घटी है। जहां भीड़ ने तीन युवकों की पीट-पीटकर जान ले ली है। वहीं इस घटना से प्रशासन के कार्यशैली पर सवालिया निशान लग गया है। छपरा जिला के बनियापुर थाना के पिठौरी नंदलाल टोला में थाना क्षेत्र के ही पैगम्बरपुर निवासी तीन युवकों की पीट-पीट कर जान ले ली है। घटना के संबंध में मृतकों के परिजनों ने बताया कि शुक्रवार की सुबह चार बजे के आसपास तीनों युवक अपनी पिकअप लेकर मवेशी खरीदने निकले हुए थे तभी नंदलाल टोला में सुबह दौड़ लगा रहे युवकों की टोली ने उन्हें रोक लिया और चोर होने का आरोप लगाते हुए उन्हें पीटना शुरू कर दिया लोगों ने उन तीन युवकों को तब तक पीटा जब तक उनके प्राण पखेरू नहीं हो गए। परिजनों की माने तो पंचायत के सरपंच की भूमिका भी संदेहास्पद है। ग्रामीणों ने तीनों युवकों की तब तक पिटाई की जबतक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस ने एक युवक, जिसकी सांस चल रही थी, उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया जबकि दो लोग पिटाई के दौरान ही दम तोड़ चुके थे।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। मृतकों में शामिल नौशाद कुरैशी पैगगम्बरपुर का और विदेश नट और राजू नट जो आपस में चाचा-भतीजा है, कन्हौली मनोहर के निवासी हैं।

दूसरी ओर घटना के संबंध में बताया जाता है कि गुरुवार की रात राजबली राम के दालान से मवेशी चोरों ने तीन बकरियों की चोरी कर ली, जिसके बाद रात में जगे परिजनों ने दालान से गायब बकरियों को देखा तो चोरी हो जाने के शक में हो हल्ला मचाया, उसके बाद पूरा गांव इकट्ठा हो गया, घंटों शोर शराबा के बाद ग्रामीण सोने चले गये। इस बात से अंजान कथित मवेशी चोर दुबारा उसी घर को निशाना बनाते हुए दालान के बाहर बंधे भैस को खोलने का प्रयास कर रहे थे, तभी भैस कूद फांद करने लगी, तब तक घरवाले बाहर निकले तो देखा कि तीन लोग भैस को जबरन खोल रहे हैं. लोगों ने शोर मचाना शुरू किया तो सभी ग्रामीण दौड़े और अचानक चोर पर टूट पड़े। 2 चोर के पकड़े जाने के बाद तीसरा मौके का फायदा उठाकर नदी की तरफ भाग निकला, तभी नदी की तरफ से आ रहे ग्रामीणों ने उसे भी दबोच लिया और एक साथ तीनों की इतनी धुनाई की कि दो की मौत घटना स्थल पर हो गई, वहीं तीसरे की बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुँचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दो अलग-अलग बयान ने इस पूरे मामले को पेचीदा बना दिया है। देखना है कि इस पूरे मामले की आखिर सच्चाई क्या है, पुलिस जांच में जुटी है। एक ओर परिजन कह रहे हैं कि वे तीनों पिकअप लेकर निकले थे और रास्ते में उन्हें ग्रामीणों ने रोककर मवेशी चोर का आरोप लगाते हुए पिटाई की, वहीं दूसरी ओर कहा जा रहा है कि यह सभी  रात्रि में मवेशियों की चोरी करते  रंगे हाथ पकड़े गए।

घटना की सूचना मिलते ही घटना स्थल पर पहुंची बनियापुर पुलिस, जलालपुर थाना, इसुआपुर थाना, सदर डीएसपी ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। घटना स्थल पर ही चोरों की पिकअप है। उपजे हालात को देखते हुए फिलहाल घटना स्थल पर पुलिस कैम्प कर रही है।