Sun. Jul 21st, 2019

तेजस्वी का वार,सरकारी दावे अपनी जगह ‘सुशासन’ के ‘दीमकों’ की कमाई अपनी जगह

पटना।(बन बिहारी) बिहार में हर साल की भांति इस वर्ष भी आने वाली जल प्रलय को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है।नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री एक ओर लू का हवाई सर्वेक्षण करते हैं,वहीं दूसरी तरफ सूखाग्रस्त क्षेत्रों मैं जाकर उनके मंत्री अदृश्य बाढ़ का जायजा लेते हैं।बिहार के 15 जिले बाढ़ की चपेट में हैं! उत्तर बिहार की नदियाँ खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं! जान, माल, फसल, मवेशी का लगातार नुकसान हो रहा है। पर आत्ममुग्ध सरकार व बेपरवाह प्रशासन मदमस्त है! आम जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की इन्हें क्यों चिंता होगी? आख़िर दोष प्रकृति को जो देना है।

तेजस्वी यादव ने कहा की बाढ़ की विभीषिका से निपटने के सरकारी दावों की कलई पहले हफ्ते ही खुल गई! दावे अपनी जगह है और “सुशासन” के दीमकों की कमाई अपनी जगह!

उन्होंने कहा की हर वर्ष बाढ़ राहत व बचाव, तटबंध निर्माण, पुनर्वास के नाम पर अरबों के घालमेल व बंदरबांट “सुशासन” की पहचान जो है!मगर सीएम अब प्रकृति को दोषी ठहराएँगे।

नीतीश सरकार असम्भव हवाई सर्वेक्षणों की सरकार है! ऐसी उन्नत तकनीक नासा के पास भी नहीं!सीएम चमकी बुखार, लू का हवाई सर्वेक्षण करते हैं तो मंत्री सूखाग्रस्त क्षेत्रों में अदृश्य बाढ़ से निपटने की तैयारियों का हवाई सर्वेक्षण करते हैं! धरातल की वास्तविक पीड़ा से इन्हें कोई सरोकार नहीं!नेता प्रतिपक्ष ने राजद कार्यकर्ताओं से आग्रह है कि अपने-अपने जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने में यथासंभव मदद करें। प्रशासन से संपर्क स्थापित कर समस्याओं का निराकरण एवं उचित सुविधा मुहैया कराने में सहयोग करे।