Sun. Jul 21st, 2019

देश की एकता खतरे में,मॉब लीचिंग को काबू करे सरकार, सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन पालन हो।

फूलवारी शरीफ / पटना । मॉब लिंचिंग की लगातार हो रही घटनाओं की रोकथाम एवं इस संबंध में सरकार की ओर से लचार रवैया अपनाए जाने के विरोध में ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल बिहार ने रविवार को उर्दू एकेडमी पटना के हॉल में एक प्रोग्राम आयोजित किया जिस की अध्यक्षता इमारत शरिया बिहार ओड़ीशा एवं झारखंड के महा सचिव (नाज़िम-ए- आला )मौलाना अनिसुर रहमान कासमी ने किया । उन्हों ने मॉब लिंचिंग की निंदा करते हुए कहा कि मुसलमान इस देश में कई शताब्दियों से रह रहे हैं घटनाएँ होती हैं तो उन की रोकथाम भी आवश्यक है बीमारी का इलाज जरूरी है। कितनी सरकारें आईं और गईं लेकिन ऐसी हालत कभी नहीं हुई थी मॉब लिंचिंग के शिकार अधिकतर मुसलमान हैं लेकिन कुछ दलितों, सिखों एवं इसाइयों को भी इस का शिकार बनाया गया है जुल्म का नंगा नाच एवं खूनी खेल जारी है अगर राज्य एवं केंद्र की सरकार ने इस पर काबू नहीं पाया तो देश की एकता खतरे में पड़ जाएगी । इस अवसर वक्ताओं ने सम्मिलित रूप से यह तजवीज पास की कि यह इजलास देश और राज्य में मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर बेचैनी प्रकट करते हुए राज्य एवं केंद्र सरकार से कई मांग किया है । जिनमे ( 1 ) सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार इस के रोक थाम के लिए सख्त कानून बनाए जिस में दोषियों को सज़ा के साथ साथ स्थानीय प्रशासन को भी इस का जवाबदह बनाया जाए तथा पीड़ितों को मुनासिब मुआवजा दिया जाए। (2)फास्ट ट्रेक कोर्ट के द्वारा मामले की सुनवाई करवाई जाए प्रमुख रूप से शामिल है । साथ ही साथ इस कार्यक्रम के जरिये इजलास ने सभी देशवासियों से अपील किया है कि मॉब लिंचिंग और हर प्रकार के जुल्म के खिलाफ एकजुट हो कर खड़े हों । इसके अलावा राजनीतिक एवं समाजीक काम करने वालों तथा एलेक्ट्रोनिक एवं प्रिंट मीडिया के कार्यकर्ताओं के साथ साथ धार्मिक नेताओं से अपील किया गया की आपसी मेल मिलाप और एकता को बढ़ावा देने में अपना रोल अदा करें । इस इजलास के माध्यम से वक्ताओं ने मॉब लिंचिंग के पीड़ितों के परिवार वालों के प्रति अपनी हमदर्दी का भी इज़हार किया है ।
ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के जेनरल सेक्रेटरी मोहम्मद आलम कासमी ने सेक्रेटरी रिपोर्ट प्रसतूत करते हुए मॉब लिंचिंग की घटनाओं का जाएजा लिया और देश के विभिन्न भागों में हो रहे इन हरकतों की घोर निंदा करते हुए सरकार से उस पर काबू पाने की अपील की । प्रसिद्ध पत्रकार खुर्शीद अनवार आरफ़ी ने बिहार में मिल्ली काउंसिल के कामों में तेज़ी लाने की बात कही मौलाना अबुल कलाम शम्सी ने कहा कि मॉब लिंचिंग की घटनाओं की रोक थाम के लिए प्रेशर ग्रूप बनाया जाए । अन्य वक्ताओं ने इस इजलास के जरिये अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि भारत कई धर्मों एवं कई भाषाओं का देश है इस देश ने हर जमाने में खुले दिल के साथ दुनिया के सभी धर्मों का स्वागत किया और उन को अपनी धरती में फलने फूलने का अवसर दिया । भारत विश्व का इकलौता ऐसा देश है जिस में दुनिया के इतने सारे धर्मों के मानने वाले लोग एक साथ मिल जुल कर रहते हैं । लेकिन अफसोस कि पिछले कुछ सालों में इस देश की आपसी भाईचारे एवं अमन व शांति के वातावरन को दूषित एवं विषैला कर दिया है । हिन्दू मुसलमान जो सदियों से एक साथ मिल जुल कर रहते आए थे उन के बीच नफरत की दीवारें खड़ी की जा रही हैं । एक विशेष विचार के लोग भारत की एकता एवं अखंडता को दुकड़े टुकड़े करने की कोशिश कर रहे हैं । देश के विभिन्न हिस्सों में लोग भीड़ की शक्ल में गरीब एवं क्म्ज़ोर मुसलमानों पर हमला करते हैं और उन की जान ले लेते हैं । इंसान भेड़िया बन रहा है। नफरत इस प्रकार बढ़ा ड़ी गई है कि ऐसा लगता है कि सारा देश आग के अंगारे पर है।

इस प्रोग्राम का मंच संचालन नुरूस्सलाम नदवी ने किया अमीर जमते इस्लामी बिहार रिजवान अहमद इस्लाही जमीयत उलमाए हिन्द बिहार के नाज़िम आला हुस्न अहमद कादरी , खुर्शीद अहमद मदनी, तुफ़ैल अहमद फारूकी खाज़िन मिल्ली काउंसिल बिहार, मौलाना अतिकुर रहमान कसमी , प्रसिद्ध पत्रकार अंवारुल होदा, मौलाना वसी अहमद शमसी , जावेद एकबाल एडवोकेट सलामूल हक , मौलाना कुत्बुद्दीन कास्मी ने भी अपने विचार रखे एवं सभी ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं की निंदा करते हुए सरकार से इस के रोक थाम के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की।