Sun. Jul 21st, 2019

एनडीआरएफ द्वारा चन्द्रगुप्त इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट पटना में भूकम्प सुरक्षा पर मॉक ड्रिल का आयोजन

पटना | शुक्रवार को 9वी वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल द्वारा बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से चन्द्र गुप्तव इंस्टिटयूट ऑफ मैनेजमेंट, पटना में भूकम्प सुरक्षा पर मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। भूकम्प सुरक्षा पर आधारित इस मॉक ड्रिल में चन्द्र गुप्तस इंस्टिटयूट ऑफ मैनेजमेंट के शिक्षक व छात्रों के साथ-साथ 9वी वाहिनी एन०डी०आर०एफ०, पुलिस, अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेन्स, मेडिकल सेवा तथा गृह रक्षा वाहिनी की टीमों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
चन्द्रोगुप्त- इंस्टिटयूट ऑफ मैनेजमेंट पटना परिसर में शुक्रवार को दोपहर 03:00 बजे अचानक इमरजेंसी सायरन बजा जो कि इस बात का सूचक था कि भूकम्प आ चुका है। तुरन्त परिसर में मौजूद सभी स्टाफ तथा छात्रों ने “झुको”, ढको” व “पकड़ो” ड्रिल अपनाया। फिर इंस्टिटयूट के आपातकालीन निकास दल द्वारा सभी लोगों को तरतीबवार असेम्बली एरिया में एकत्रित किया गया। उनकी गिनती की गई। इंस्टिटयूट में गठित की गई रेस्पांस टीमों ने अपने-अपने टास्क का अभ्यास किया।
इस मॉक अभ्यास के दौरान 9वी वाहिनी एन०डी०आर०एफ० की टीम श्री कुलदीप कुमार गुप्ता, उप कमान्डेंट के नेतृत्व में चित्रित किये गए दृश्यों के अनुसार भवनों में फँसे 08 पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। इस दौरान एन०डी०आर०एफ० की टीम द्वारा भवनों में फँसे पीड़ितों को खोजने के लिए प्रशिक्षित श्वान दस्ता तथा अत्याधुनिक उपकरण- विक्टिम लोकेटिंग कैमरा का इस्तेमाल किया गया। फिर घायलों को अस्पताल-पूर्व चिकित्सा मुहैया कराकर बेहतर चिकित्सा के लिए उन्हें तुरन्त एम्बुलेंस की मदद से फोर्ड अस्पताल, पटना भेजने का अभ्यास किया गया। कार्यक्रम के आखिर में एन०डी०आर०एफ० द्वारा आपदा प्रबंधन उपकरणों का एक भव्य प्रदर्शनी भी लगाया गया था। इस मौके पर डॉ० मधुबाला, परियोजना पदाधिकारी, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मौजूद थी।
विजय सिन्हा, कमान्डेंट, 9वी वाहिनी एन०डी०आर०एफ० ने कहा कि भूकम्प जैसी आपदा में नुकसान न हो इसके लिए जरूरी है कि इस प्रकार के संयुक्त मॉक अभ्यास का आयोजन नियमित किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आज के इस मॉक अभ्यास के आयोजन से पहले चन्द्र गुप्त् इंस्टिटयूट ऑफ मैनेजमेंट पटना के स्टाफ एवं छात्रों को 02 दिवसीय भूकम्प सुरक्षा पर प्रशिक्षण दिया गया। भूकम्प आने पर अपनाये जाने वाले सुरक्षात्मक पहलूओं तथा रेस्पांस मैकेनिज्म को भी बताया गया तथा इसका अभ्यास करवाया गया। उन्होंने आगे बताया कि भूकम्प अथवा अन्य आपदा को रोका नहीं जा सकता लेकिन आपदा से पूर्व हमारी तैयारी, प्रशिक्षण तथा जागरूकता निश्चित तौर पर आपदा से होने वाले नुकसान को रोक सकता है।