Tue. May 21st, 2019

सारण में कोहराम, सरेआम डॉक्टर की गला काटकर हत्या

सारण। जिले के अमनौर गांव के रहने वाले चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनिल कुमार की अपराधियों ने गला काटकर हत्या कर दी है। यह घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के साढ़ा में घटी है। हत्या की खबर पता चलते ही सनसनी फैल गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना का पता चलते ही पुलिस उनके आवास पहुंची है और पूछताछ कर रही है। जानकारी के मुताबिक शहर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित साढा खेमाजी टोला में बेखौफ अपराधियों ने एक चिकित्सक की गला रेतकर हत्या कर दी। मृत चिकित्सक अमनौर थाना क्षेत्र निवासी डॉक्टर अनिल कुमार प्रसाद बताए जाते हैं। वह चर्म रोग विशेषज्ञ थे जो कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के साढा खेमाजी टोला स्थित टीवीएस एजेंसी के समीप दिलीप बैठा के मकान में किराए पर परिवार सहित रहते थे। करीब दो दिन पहले उनके परिवार वाले गांव गए हुए थे। शुक्रवार की सुबह जब घरवाले वापस लौटे तो देखा कि वह अपने कमरे में नहीं हैं। जिसके बाद उन्हें बाथरूम में खून से लथपथ पाया गया। उनकी मृत्यु हो चुकी थी। जिसके बाद घर वालों ने उन्हें उठाकर बेड पर लिटाया और इस बात की सूचना स्थानीय थाने को दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर शशि भूषण चौधरी एवं सब इंस्पेक्टर ज्वाला सिंह दल-बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

2 thoughts on “सारण में कोहराम, सरेआम डॉक्टर की गला काटकर हत्या

  1. कुर्सेला: यहां पर सात निश्चय के तहत निर्मित है जलापूर्ति केंद्र.महादलित टोला तिनघरिया के लोगों को नल का जल पिलाने को तत्पर और तैयार है.मजे की बात है कि करीब 250 महादलितों और अन्य लोगों के घरों में जलापूर्ति पाइप से संयोजन कर दिया गया है.डेढ़ साल से जलापूर्ति केंद्र को चालू ही नहीं किया गया है जिसके चलते जल विहिन पाइप हो गया है.यहां के अनिल राम ने कहा कि इतना होने के बाद भी जलापूर्ति केंद्र को चालू नहीं किया जा रहा है.बिजली भी है. वैकल्पित व्यवस्था के तौर पर सौर उर्जा भी लगाया गया है. यह हाल महादलित टोला तिनघरिया का है.जो दक्षिणी मुरादपुर पंचायत में पड़ता है.कुर्सेला प्रखंड और कटिहार जिला है.इसका ऑपरेटर वरूण यादव हैं.जिसे डेढ़ साल से वेतनादि नहीं मिल रहा हैं.

    आलोक कुमार
    9939003721

  2. महिला भूमि संवाद यात्रा हैदराबाद में

    हैदराबाद : आज यहां के एस.वी.के.हॉल में पब्लिक मीटिंग की गयी.इस अवसर पर महिला भूमि अधिकार संवाद यात्रा में शामिल महिला वीरांगनाओं का स्वागत किया गया.
    एकता महिला मंच,बिहार की संयोजिका मंजू डुंगडुंग ने कहा कि महिलाओं के किसान एवं भूमि अधिकारों संबंधित समस्याओं को राष्ट्रीय क्षितिज पर लाने का प्रयास है.भारत में हमलोग यानी 75 प्रतिशत महिलाएं कृषि की गतिविधियों में हिस्सेदार हैं.यह उल्लेखनीय है कि भारत में कृषि महिलाओं की सहभागिता के बिना असंभव है.महिलाएं औसतन पुरूषों से लगभग 1500 घंटे सालाना किसानी करने के साथ-साथ पशु पालन,सब्जी की खेती,चारे का संग्रहण एवं घरेलु पोल्ट्री में भी अहम भूमिका निभाती हैं.

    आखिरकार संवाद यात्रा क्यों?

    संपति में महिलाओं के हिस्सेदारी के लिए.महिलाओं को कृषक का दर्जा दिलाने के लिए.महिलाओं को आवास और वन भूमि का अधिकार मिले.मालिकाना हक के कागजों पर महिलाओं के भी नाम हो.सामुदायिक जमीन पर महिलाओं के उपयोग के लिए उपलब्ध हो.महिलाओं को कृषि एवं अन्य ऋण मिले.मंडी पंचायत एवं उत्पादक संस्थाओं में महिलाओं को सदस्यता मिले.समस्त शासकीय एवं अर्धशासकीय योजनाओं में महिलाओं की समान भागीदारी हो.

    श्रर्द्धा कश्चयप, मंजू डुंगडुंग,कस्तूरी पटेल,शोभा तिवारी,कोमल आदि यात्रा की वीरांगना हैं और संचालन कर रही हैं.
    आलोक कुमार

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