Sun. Jul 21st, 2019

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संदेश-‘हिंसा की अपेक्षा अहिंसा की शक्ति ज्यादा’

स्वाधीनता दिवस के 71वें वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए कहा कि हिंसा की अपेक्षा, अहिंसा की शक्ति कहीं अधिक है. प्रहार करने की अपेक्षा, संयम बरतना, कहीं अधिक सराहनीय है और हमारे समाज में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है.राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि इस बार स्वतंत्रता दिवस के साथ एक खास बात जुड़ी है. क्योंकि कुछ ही सप्ताह बाद 2 अक्टूबर से महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समारोह शुरू होने वाले हैं. उन्होंने कहा कि गांधीजी ने अहिंसा का यह अमोघ अस्त्र हमें प्रदान किया है. उनकी अन्य शिक्षाओं की तरह, अहिंसा का यह मंत्र भी, भारत की प्राचीन परम्‍परा में मौजूद था, और आज 21वीं सदी में भी, हमारे जीवन में यह उतना ही उपयोगी और प्रासंगिक है.राष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी ने केवल हमारे स्वाधीनता संग्राम का नेतृत्व ही नहीं किया था, बल्‍कि वह हमारे नैतिक पथ-प्रदर्शक भी थे, और सदैव रहेंगे. उन्होंने कहा हमें गांधीजी के विचारों की गहराई को समझना होगा. उन्हें राजनीति और स्वाधीनता की सीमित परिभाषाएं, मंजूर नहीं थीं.

Leave a Reply

Your email address will not be published.